कीवर्ड: सतीश जारकीहोली पर ED की छापेमारी , कर्नाटक आबकारी विभाग भ्रष्टाचार मामला
Karnataka | ENewsxpress Desk :
मामला अभी भी जारी
कर्नाटक की राजनीति में हलचल बरकरार है। एडी की छापेमारी सतीश जारकीहोली पर जारी है। प्रवर्तन निदेशालय की टीमें लोक निर्माण विभाग के मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके सहयोगियों के घरों पर तलाशी ले रही हैं। यह कार्रवाई कर्नाटक के आबकारी विभाग में हुए कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी हुई है।

मामले की पूरी जानकारी क्या है?
कर्नाटक आबकारी विभाग के भ्रष्टाचार मामले की जड़ें बेलगावी के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त वाई. मंजूनाथ से जुड़ी हैं। वे सतीश जारकीहोली के साले हैं। ED ने पहले भी मंजूनाथ और उनके सहयोगियों के खिलाफ बेंगलुरु, बेलगावी, मैसूर और विजयनगर के कई स्थानों पर छापेमारी की थी।
जांच एजेंसी का आरोप है कि आबकारी विभाग एक संगठित सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था। इसमें शराब के लाइसेंस जारी करने, नवीनीकरण और स्थानांतरण के बदले रिश्वत ली जाती थी। ED ने अब तक लगभग 13.3 करोड़ रुपये की कमाई बरामद कर ली है। साथ ही बेनामी नामों पर खरीदी गई संपत्ति और सोने-चांदी जैसी चीजें भी जब्त कर ली गई हैं।
किन जगहों पर छापेमारी हुई?
ED की छापेमारी सतीश जारकीहोली के घर में शुरू हुई थी और अब तक इसका दायरा बेलगावी, बेंगलुरु, मैसूर और विजयनगर के हरपनहल्ली तालुका तक फैल गया है। छापेमारी के दौरान CRPF की सुरक्षा टीमें भी तैनात रहीं, जो जांच की गंभीरता को दर्शाती हैं।
क्यों जारकीहोली परिवार पर निगाहें हैं?
सतीश जारकीहोली परिवार बेलगावी की राजनीति में बड़ा नाम है। पांच भाइयों में से सतीश कांग्रेस के PWD मंत्री हैं। रमेश और बालचंद्र भाजपा से विधायक हैं और लखन विधान परिषद सदस्य हैं। इस परिवार की राजनीतिक और आर्थिक ताकत के कारण इस मामले पर सभी नजर रखे हुए हैं।
PMLA के तहत कार्रवाई
यह पूरी जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत हो रही है। ED ने लोकायुक्त पुलिस की FIR के आधार पर केस दर्ज किया है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि आरोपी अधिकारियों ने भ्रष्टाचार से कमाए गए पैसे को कैसे वैध संपत्ति में बदला।
राजनीतिक हलकों में हलचल है
ईडी की कार्रवाई पर राज्य के राजनीतिक हलकों में बहस होती है। कांग्रेस पार्टी इसे राजनीतिक बदला लेने के रूप में देखती है। वहीं भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जरूरी कार्रवाई मानती है।
अब क्या होगा?
ईडी जांच जारी रखेगी और और खुलासे हो सकते हैं। अब तक मिले दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर एजेंसी आगे की पूछताछ कर सकती है और संभावित संपत्ति कुर्की की भी तैयारी कर सकती है।
समाप्ति में
कर्नाटक आबकारी विभाग भ्रष्टाचार मामला अब राज्य सरकार के एक मंत्री के करीबी रिश्तेदारों तक पहुंच गया है। ईडी की लगातार छापेमारी इस जांच की गहराई को दर्शाती है। आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और पहले की ईडी कार्रवाइयों के आधार पर तैयार की गई है। ताजा जानकारी और आधिकारिक बयानों के लिए ईडी और स्थानीय समाचार स्रोतों पर नजर रखें।