देहरादून | ENewsXpress Desk
यह क्या है उपलब्धि?
देहरादून में हुए एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार काम किया और 26 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। यह उत्तराखंड और देश के लिए गौरव की बात है क्योंकि यह लगातार दूसरा साल है जब भारत इस महत्वपूर्ण एशियाई प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है।

आयोजन का पूरा विवरण
इस प्रतियोगिता का आयोजन 17 से 20 अगस्त 2026 तक देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हिमाद्री आइस रिंक में किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस चार दिवसीय आयोजन का उद्घाटन किया, जिसमें उन्होंने देश-विदेश से आए खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों का स्वागत किया।
इस प्रतियोगिता में मेजबान भारत के अलावा चीन, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, हांगकांग, थाईलैंड, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मंगोलिया, मलेशिया, चीनी ताइपे और उज्बेकिस्तान सहित 14 देशों के 270 से ज्यादा खिलाड़ी, कोच और अधिकारी भाग ले रहे थे।
भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन
प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों से ही भारतीय आइस स्केटरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। दूसरे दिन जूनियर एफ और ई वर्ग की कई स्पर्धाओं में भारतीय स्केटरों ने अच्छा काम किया। तीसरे दिन तक भारत छह पदकों के साथ तालिका में शीर्ष पर रहा। सिद्धांत मांजरे और यश परिजात जामदार जैसे खिलाड़ियों ने जूनियर सी वर्ग में स्वर्ण और रजत पदक जीते।
आयोजन के अंत तक भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 26 तक पहुंच गई। इस दौरान चीन और थाईलैंड जैसी टीमों ने रिले और सीनियर वर्ग में कड़ी टक्कर दी, लेकिन घरेलू मैदान और दर्शकों के उत्साह के बीच भारतीय खिलाड़ी अपनी बढ़त बनाए रखे।
मुख्यमंत्री धामी ने खुशी जताई
उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गौरव की बात है कि प्रदेश को इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का मौका मिला। उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीतकालीन खेलों के लिए एक अनुकूल गंतव्य के रूप में मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि खेल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुशासन, समर्पण और खेल भावना ही किसी खिलाड़ी की सबसे बड़ी पहचान होती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर दिए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें खेल छात्रवृत्ति और आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में मुफ्त शिक्षा-प्रशिक्षण की सुविधा भी दी जा रही है।
खिलाड़ियों के लिए क्यों खास है यह टूर्नामेंट?
यह प्रतियोगिता भारतीय स्केटरों के लिए सिर्फ पदक जीतने भर तक सीमित नहीं है। यहां विश्व कप स्तर का समय हासिल करने वाले खिलाड़ियों को आगे विश्व कप प्रतियोगिताओं में खेलने का मौका मिल सकता है। प्रतियोगिता में एशिया के शीर्ष स्तरीय स्केटरों के साथ-साथ कई ओलंपियन और ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी भी शामिल हुए, जिससे यह आयोजन भारतीय शॉर्ट ट्रैक स्केटरों के अंतरराष्ट्रीय करियर के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
दक्षिण कोरिया से आए ओलंपिक स्तर के अधिकारियों और रेफरी ने भी देहरादून के हिमाद्री आइस रिंक और आयोजन की व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की।
उत्तराखंड के लिए क्या मायने रखता है यह आयोजन?
देहरादून में लगातार दूसरे साल इस प्रतियोगिता की मेजबानी से राज्य की पहचान अंतरराष्ट्रीय आइस स्पोर्ट्स के केंद्र के रूप में मजबूत हुई है। पिछले साल राज्य में सफलतापूर्वक आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के जरिए तैयार हुए आधुनिक खेल ढांचे का ही यह नतीजा है कि उत्तराखंड अब इस स्तर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम हो पाया है।
निष्कर्ष
देहरादून में हुई एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 भारतीय आइस स्केटिंग के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित हुई है। 26 पदकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल करना न सिर्फ खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि भारत में शीतकालीन खेलों के उभरते भविष्य की भी झलक है।
नोट: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों पर आधारित है।