काठमांडू | ENewsxpress Desk :
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार को आई बाढ़ के बाद अब तक कम से कम 675 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 2,498 लोग अभी भी लापता माने जा रहे हैं। बचाव और राहत कार्य लगातार चल रहे हैं, पर नई झील के उफान के डर से ऑपरेशन कई बार रुक गया है।

अब तक का हाल
नेपाल पुलिस के अनुसार, 2,301 घायल लोगों का इलाज चल रहा है। नेपाल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अब तक 7,514 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें 227 विदेशी नागरिक हैं। चीन ने तिब्बत क्षेत्र में सात मौतों और 554 लापता लोगों की पुष्टि की है, जिनमें भी कई विदेशी नागरिक हैं। नेपाल और चीन के आंकड़ों में ओवरलैप कितना है, यह स्पष्ट नहीं है।
क्या है वजह?
भूवैज्ञानिकों के अनुसार, यह आपदा तब शुरू हुई जब पहाड़ की चोटी से एक विशाल बर्फ और चट्टान का टुकड़ा गिरा, जो एम्पायर स्टेट बिल्डिंग से दर्जनों गुना बड़ा था। इस गिरने से भीषण बाढ़ आई। भूस्खलन इतना तेज़ था कि भूकंप मापक ने इसे शुरू में 4.4 तीव्रता के भूकंप के रूप में दर्ज किया।
नई झील बनी बड़ी चिंता
तिब्बत के पास बना एक बांध, जिसमें 20 लाख क्यूबिक मीटर से अधिक पानी है, रिसाव कर रहा है। इस कारण बचाव कार्य को कई बार रोकना पड़ा। यह झील ग्यिरोंग सीमा चौकी से लगभग 7 मील ऊपर स्थित है, जो बुधवार की बाढ़ में पूरी तरह नष्ट हो गई थी। चीनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों में बारिश के कारण झील का आकार दोगुना हो सकता है। नेपाल की ओर भी मलबे से बनी एक और झील खतरे में है।
90 अमेरिकी नागरिक भी लापता
लापता लोगों में लगभग 90 अमेरिकी नागरिक हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि अब तक किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय नेपाली मीडिया के अनुसार लापता लोगों की वास्तविक संख्या 12,000 तक हो सकती है, लेकिन किसी अधिकारी ने इस आंकड़े की पुष्टि नहीं की है।
राहत अभियान जारी
हेलीकॉप्टरों के माध्यम से अब तक 3,000 से अधिक लोगों को काठमांडू और अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रेड क्रॉस के अनुसार, लगभग 90,000 लोग इस आपदा से प्रभावित हो सकते हैं। नेपाल सरकार ने विदेशी नागरिकों की तलाश और सहायता के लिए एक विशेष ‘आपातकालीन नियंत्रण कक्ष’ भी बनाया है।
नेपाल सरकार का शोक संदेश
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान में ‘गहरा दुख’ व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।
नोट: यह स्थिति बहुत तेजी से बदल रही है। मृतकों और लापता लोगों की संख्या हर घंटे बदल रही है — प्रकाशन से पहले नवीनतम आधिकारिक आंकड़े जरूर जांचें।