‘कोटा के भीतर कोटा’, ज्यादा EWS लाभ: ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ में यूट्यूबर अजीत भारती की मुख्य मांगें

शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन को ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ का नाम दिया गया है। यह आंदोलन असल में एक इंस्टाग्राम पेज से शुरू हुआ था और देखते ही देखते 50 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुँच गया। इस प्रदर्शन के दौरान यूट्यूबर और कमेंटेटर अजीत भारती ने आरक्षण को लेकर अपनी चार बड़ी मांगें सबके सामने रखीं।

जंतर मंतर पर आरक्षण हटाओ आंदोलन, अजीत भारती ने रखीं चार बड़ी मांगें

ENewsXpress Desk से हुई बातचीत में अजीत भारती ने अपनी मांगों के बारे में विस्तार से बताया:

1. श्वेत पत्र (White Paper) जारी करना — अजीत भारती ने इसे आंदोलन की “सबसे बड़ी मांग” कहा है। अजीत भारती का कहना है कि आजादी के लगभग 80 सालों में आरक्षण नीति से असल में क्या फायदा हुआ, सरकार को इसका पूरा हिसाब-किताब जनता को दिखाना चाहिए। अजीत भारती का मानना है कि आरक्षण को कम करने या बदलने की बात करने से पहले, मौजूदा व्यवस्था के नतीजों को सबके सामने लाना बहुत जरूरी है।

2. ‘कोटा के भीतर कोटा’ यानी उप-वर्गीकरण (Sub-categorisation) — अजीत भारती की दूसरी मांग यह थी कि आरक्षित श्रेणियों के अंदर भी सभी लोग आर्थिक और सामाजिक रूप से एक जैसे नहीं हैं। अजीत भारती का तर्क है कि अगर किसी आरक्षित श्रेणी के कुछ खास समुदायों ने पढ़ाई और सरकारी नौकरियों में ज्यादा फायदा उठा लिया है, जबकि बाकी लोग अब भी पीछे हैं, तो उस कोटे को आपस में बांटा जाना चाहिए। इससे सबसे पिछड़े समूहों को भी सही फायदा मिल सकेगा।

3. EWS आरक्षण की सुरक्षा — अजीत भारती ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए दिए गए मौजूदा आरक्षण को बरकरार रखने और उसे और मजबूत करने की मांग की है।

4. आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्स (Minimum Qualifying Marks) — अजीत भारती की चौथी मांग यह थी कि आरक्षित श्रेणियों से आने वाले छात्रों के लिए भी पास होने के लिए कम से कम न्यूनतम अंक तय किए जाने चाहिए।

प्रदर्शन से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने कहा था कि जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के प्रदर्शन या सभा की इजाजत नहीं दी गई है। इसके बावजूद शुक्रवार को लोग जंतर-मंतर पर जुटने लगे और भीड़ बढ़ती गई।

अजीत भारती ने X (पहले ट्विटर) पर आरोप लगाया कि जंतर-मंतर के लिए एक महीने पहले ही परमिशन मांगी गई थी। लेकिन अजीत भारती का कहना है कि पुलिस ने प्रदर्शन वाले दिन दोपहर में बताया कि सिर्फ रामलीला मैदान की इजाजत दी गई है, और वह भी सिर्फ 500 लोगों के लिए और शाम 4 बजे तक। अजीत भारती ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस को भी निशाने पर लिया।

जैसे-जैसे शाम हुई और भीड़ बढ़ती गई, दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की क्योंकि उन्हें सिर्फ शाम 4 बजे तक की ही इजाजत मिली थी।

प्रदर्शन करने वाले लोगों ने मांग की कि आरक्षण तय करते समय इंसान की आर्थिक स्थिति को भी देखा जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि सरकार ‘क्रीमी लेयर’ वाले नियमों को सही से लागू नहीं कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति, फीस में छूट और मुफ्त कोचिंग जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ की शुरुआत NEET पेपर लीक के बाद हुए छात्र आंदोलन के बाद हुई। यह आंदोलन सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम के जरिए बहुत तेजी से फैला। इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में अजीत भारती के साथ-साथ आनंद रंगनाथन और अनुराधा तिवारी जैसे लोगों ने भी बड़ी भूमिका निभाई है।

इस आंदोलन का मकसद यह है कि पढ़ाई और सरकारी नौकरियों में जाति के आधार पर कोटे के बजाय काबिलियत और प्रतिभा को आधार बनाया जाना चाहिए।

इस आंदोलन की कुछ लोग आलोचना भी कर रहे हैं। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि हमें आरक्षण हटाने के बजाय पहले समाज से जातिगत भेदभाव खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए। आलोचकों का कहना है कि यह आंदोलन छात्र आंदोलनों के दौरान पैदा हुई हलचल का ही एक हिस्सा है।

जंतर-मंतर पर हुआ यह प्रदर्शन आरक्षण के मुद्दे पर देश में चल रही बहस को फिर से चर्चा में ले आया है। एक तरफ आंदोलन करने वाले लोग श्वेत पत्र और काबिलियत के आधार पर सुधार चाहते हैं, तो दूसरी तरफ आलोचक इसे जातिगत भेदभाव को नजरअंदाज करने वाला तरीका मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर बढ़ती ताकत को देखते हुए आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी बड़ा हो सकता है।

नोट: यह लेख खबरों पर आधारित है। आरक्षण एक संवेदनशील विषय है और इस पर अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top