नई दिल्ली:
मानसून सत्र के 15वें दिन, शुक्रवार 7 अगस्त 2026 को, लोकसभा में दो विधेयकों की चर्चा होगी और उन्हें पारित कर दिया जाएगा। ये दो विधेयक हैं — सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक, 2026 और कराधान एवं अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026।

MSME संशोधन विधेयक क्या है?
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी लोकसभा में इस विधेयक को पेश करेंगे। यह विधेयक 2006 के MSME विकास अधिनियम में संशोधन करके छोटे उद्यमों को अधिक समर्थन देना चाहता है। यह विधेयक राज्यसभा में पहले ही पारित हो चुका है। अब इसके लोकसभा में मंजूरी की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि ये संशोधन MSME क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगे। यह क्षेत्र रोजगार बनाने और अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
टैक्सेशन बिल गुरुवार को पहले ही पास हो चुका
गुरुवार को कराधान एवं अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को लोकसभा में पारित कर दिया गया। इस दौरान विपक्षी सांसद नारेबाजी कर रहे थे। इसके साथ ही भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम में भी बदलाव की मंजूरी दी गई। बाद में सदन को शुक्रवार के लिए स्थगित कर दिया गया।
विपक्ष का हंगामा जारी
कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल मानसून सत्र के दौरान दो मुख्य मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। ये मुद्दे हैं — राम मंदिर में कथित चंदा घोटाला और जंतर-मंतर पर छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई। बार-बार हो रहे व्यवधान के कारण, लोकसभा में प्रश्नकाल पूरा नहीं हो पाया है। पांच विधेयकों को बिना चर्चा के ही पारित कर दिया गया है।
JPSC-JSSC मुद्दे पर JMM सांसद का बयान
झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के चल रहे विरोध प्रदर्शन पर, JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि दिल्ली और झारखंड के मामले अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्र आंदोलन लगातार 25-30 दिन रहा और कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि झारखंड में पेपर लीक की घटना होने के बाद ही अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया और तुरंत CID जांच कराई गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के साथ है और उन्हें न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटना न हो।
नोट: यह रिपोर्ट संसदीय कार्यवाही और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। स्थिति में बदलाव होने पर विवरण अपडेट किए जा सकते हैं।