गोरखपुर | 8 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने मुकेश अंबानी और अमिताभ बच्चन की पहचान का इस्तेमाल कर एक बुजुर्ग को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। ठगों ने बुजुर्ग को 10 लाख रुपये के निवेश के बदले 40 करोड़ रुपये वापस देने का लालच दिया था।

वीडियो कॉल पर खुद को बताया मुकेश अंबानी
इस मामले में पीपीगंज थाना क्षेत्र की जंगल कौड़िया चौकी के अंतर्गत विशुनपुर निवासी लालमन साहनी शिकार हुए हैं। लालमन साहनी के अनुसार, करीब दो महीने पहले उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुकेश अंबानी बताया और एक कंपनी में निवेश करने का प्रस्ताव दिया।
कथित ठग ने दावा किया कि यदि लालमन साहनी कंपनी में 10 लाख रुपये निवेश करते हैं तो उन्हें इसके बदले 40 करोड़ रुपये वापस मिलेंगे। मुकेश अंबानी का नाम सुनकर लालमन साहनी को प्रस्ताव पर भरोसा हो गया।
अमिताभ बच्चन का नाम लेकर बढ़ाया भरोसा
ठगों ने एक अन्य व्यक्ति को अमिताभ बच्चन का रूप धारण करने के लिए कहा, जिसने बातचीत के दौरान लालमन साहनी का सहयोग किया। इससे लालमन साहनी को लगा कि वह वास्तव में किसी बड़ी कंपनी और नामी हस्तियों से जुड़े लोगों के संपर्क में हैं।
लालमन साहनी ने अलग-अलग किस्तों में 8 लाख रुपये से अधिक रकम ठगों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दी।
पैसे गंवाने के बाद हुआ ठगी का एहसास
कई दिनों तक रकम ट्रांसफर करने के बाद जब लालमन साहनी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो उन्होंने बैंक स्टेटमेंट के साथ पुलिस से संपर्क किया। उनका बैंक खाता महाराष्ट्र के पुणे में बताया गया है।
पुलिस ने लालमन साहनी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर अपराधी लोगों का भरोसा जीतने के लिए बड़े उद्योगपतियों, फिल्मी सितारों और अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए, लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी निवेश प्रस्ताव पर पैसा भेजने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि करनी चाहिए।
- वीडियो कॉल पर कोई खुद को बड़ा कारोबारी या सेलिब्रिटी बताकर निवेश का ऑफर दे तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
- कम निवेश में करोड़ों रुपये मिलने जैसे दावों पर कभी भरोसा न करें।
- अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।
- OTP, UPI PIN, पासवर्ड, ATM/क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- किसी कंपनी या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी आधिकारिक जानकारी और नियामक की स्थिति जरूर जांचें।
- अनजान नंबर से आने वाली वीडियो या ऑडियो कॉल पर निजी और बैंकिंग जानकारी देने से बचें।
- ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचित करें और पुलिस/साइबर अपराध प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कराएं।
डीपफेक और नकली पहचान से भी रहें सावधान
विशेषज्ञों के मुताबिक, साइबर ठग अब लोगों का विश्वास जीतने के लिए वीडियो, आवाज और प्रसिद्ध लोगों की पहचान का सहारा ले सकते हैं। इसलिए, केवल वीडियो कॉल में किसी व्यक्ति का चेहरा दिखाई देना इस बात का प्रमाण नहीं है कि सामने वाला वास्तव में वही व्यक्ति है।
किसी भी निवेश प्रस्ताव पर पैसा भेजने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना बेहद जरूरी है। यदि कोई संदिग्ध कॉल या संदेश मिले तो बातचीत, मोबाइल नंबर, चैट, स्क्रीनशॉट और बैंक ट्रांजेक्शन जैसे डिजिटल सबूत सुरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
गोरखपुर का यह मामला साइबर ठगी के बदलते तरीकों को लेकर बड़ी चेतावनी है। मुकेश अंबानी या अमिताभ बच्चन जैसे बड़े नाम का इस्तेमाल किसी निवेश ऑफर को असली साबित नहीं करता। लालच में आकर जल्दबाजी में पैसा भेजने के बजाय पहले पूरी जानकारी की जांच करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।