उत्तराखंड में देश का पहला अग्निवीर रोजगार सेल, 1200 अग्निवीरों को मिलेगी नौकरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में उत्तराखंड देश का पहला समर्पित ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ (ARC) स्थापित कर रहा है, जिसका उद्देश्य सेना में चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं को तुरंत नागरिक जीवन में करियर के अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री कार्यालय की सीधी निगरानी में चलने वाला यह सेल 17 जुलाई को देहरादून के कुआंवाला में आयोजित ‘युवा अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम के दौरान घोषित किया गया था।

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अग्निपथ योजना के तहत सेना का पहला बैच 31 दिसंबर, 2026 को और दूसरा बैच 31 जनवरी, 2027 को अपनी चार साल की सेवा पूरी करेगा। इन दोनों बैचों को मिलाकर उत्तराखंड मूल के लगभग 1200 से अधिक अग्निवीर वापस लौटेंगे। नियमानुसार, इनमें से 25% को नियमित सेना में बरकरार रखा जाएगा, जबकि शेष 75% नागरिक जीवन में प्रवेश करेंगे — यही वर्ग रोजगार सेल का मुख्य लक्ष्य समूह है।

पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल के अनुसार, हर लौटने वाले अग्निवीर को ऑनलाइन पंजीकृत किया जाएगा और उनकी सैन्य ट्रेनिंग, तकनीकी दक्षता व व्यावसायिक क्षमताओं को एक केंद्रीकृत “डिजिटल स्किल बैंक” में दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा, विशेष नागरिक भूमिकाओं में जाने के इच्छुक सैनिकों के लिए 10 से 15 दिन के अल्पकालिक कौशल विकास कोर्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे। रोजगार सेल ने अब तक आपदा प्रबंधन, पर्यटन, होटल उद्योग, सुरक्षा सेवाएं, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और खेल सहित 50 से अधिक क्षेत्रों की पहचान की है, जहां अग्निवीरों को रोजगार मिल सकता है।

उत्तराखंड सरकार पहले ही राज्य की सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों के लिए 10% क्षैतिज आरक्षण देने की घोषणा कर चुकी है। साथ ही, उत्तराखंड पुलिस, वन सेवा और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की भर्ती प्रक्रियाओं में भी उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

कर्नल कोठियाल ने अग्निवीर योजना को लेकर विपक्ष की राजनीति को निराधार और भ्रम फैलाने वाला बताया, और कहा कि सरकार दिसंबर-जनवरी में आने वाले पहले दो बैचों के पुनर्रोजगार के लिए पूरी तैयारी कर रही है।

नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध सरकारी बयानों पर आधारित है। यदि इस योजना में SAIL (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया) जैसी किसी विशिष्ट कंपनी की भूमिका है, तो कृपया मूल स्रोत से इसकी पुष्टि करें, क्योंकि यह विवरण स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका।

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