देहरादून | eNewsXpress Desk
उत्तराखंड के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। राज्य सरकार की पहल के तहत, सशस्त्र सीमा बल अब स्थानीय किसानों से ताजे फल और सब्जियां सीधे खरीदेगी। इसके लिए चंपावत, अल्मोड़ा और रानीखेत में तैनात सशस्त्र सीमा बल की वाहिनियों को स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस व्यवस्था से सशस्त्र सीमा बल के जवानों को ताजा और पौष्टिक भोजन मिलेगा, और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए एक भरोसेमंद खरीदार मिल जाएगा।

SSB के साथ हुआ त्रिपक्षीय समझौता
इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए उत्तराखंड औद्यानिक परिषद, सशस्त्र सीमा बल की संबंधित वाहिनियों और स्थानीय उद्यान अधिकारियों के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन किया गया है। इसके तहत किसानों से उत्पाद खरीदकर सशस्त्र सीमा बल की जरूरतों के मुताबिक आपूर्ति की जाएगी। सरकार की मंशा है कि किसान बिचौलियों पर निर्भर हुए बिना सीधे संस्थागत बाजार से जुड़ सकें।
पहाड़ी किसानों को होगा सीधा फायदा
चंपावत, अल्मोड़ा और रानीखेत जैसे पर्वतीय इलाकों में सब्जी और फल उत्पादन अच्छा-खासा होता है, लेकिन किसानों को अक्सर उचित बाजार और वाजिब दाम न मिल पाने की समस्या झेलनी पड़ती है। इस नई व्यवस्था से इन क्षेत्रों के किसानों को स्थानीय स्तर पर ही एक नियमित और भरोसेमंद खरीदार मिल जाएगा, जिससे उन्हें दूर के बाजारों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
किसानों को इससे क्या-क्या मिलेगा फायदा ?
- स्थानीय स्तर पर नया और संस्थागत बाजार
- फल-सब्जियों की नियमित और स्थिर मांग
- दूर के बाजारों पर निर्भरता में कमी
- स्थानीय कृषि और बागवानी को बढ़ावा
- ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने के नए अवसर
यह पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड में किसानों को सुरक्षा बलों से जोड़ा जा रहा हो। उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के जरिए आईटीबीपी की कुछ फॉरवर्ड पोस्टों को भी अप्रैल 2026 से स्थानीय उत्पाद सप्लाई किए जा रहे हैं। यह नया समझौता उसी सफल मॉडल का विस्तार माना जा रहा है।
निष्कर्ष
अगर यह पहल आगे और जिलों तथा अन्य संस्थानों तक बढ़ाई जाती है, तो यह उत्तराखंड के पर्वतीय किसानों के लिए एक स्थायी और भरोसेमंद बाजार तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे न सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।