रांची:
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन शनिवार को एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया, जब JPSC-JSSC सुधार मंच ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 18 अगस्त तक की अल्टीमेटम देते हुए साफ कर दिया कि मांगें न मानी गईं तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

छात्रों ने की सीधे इस्तीफे की मांग
मंच के प्रवक्ता पीयूष सिंह ने कहा, “हम आधिकारिक तौर पर पहली बार यह घोषणा कर रहे हैं कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना होगा।” छात्र नेता पीयूष कुमार के अनुसार, अगर घेराव की नौबत आती है तो झारखंड भर से करीब एक लाख छात्रों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह घेराव पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।
कांग्रेस से भी समर्थन वापस लेने की मांग
मंच नेता रवींद्र पासवान ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी अपील की कि अगर CM उनकी बात नहीं सुन रहे, तो कांग्रेस JMM-नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले ले।
पुतले फूंके गए
रविवार, 16 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में प्रदर्शनकारियों ने CM हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और RJD प्रमुख तेजस्वी यादव के पुतले फूंके, यह आरोप लगाते हुए कि सत्तारूढ़ गठबंधन उनकी मांगों पर “ठोस कार्रवाई करने में विफल” रहा है।
सरकार के अब तक के कदम, फिर भी असंतोष बरकरार
CM सोरेन पहले ही 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और दो अन्य JPSC परीक्षाओं को भी निरस्त करने की घोषणा कर चुके हैं। इसके अलावा सरकार ने TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच, CID जांच, एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट और भर्ती सुधारों के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन की भी घोषणा की है। 9 अगस्त को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की सिफारिश पर JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे भी स्वीकार किए। इसके बावजूद, छात्र पूरी तरह स्वतंत्र CBI जांच और दोनों आयोगों द्वारा आयोजित परीक्षाओं पर व्यापक कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
पूर्व CM रघुबर दास की भी चेतावनी
भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर सरकार एक सप्ताह के भीतर CBI जांच की सिफारिश नहीं करती, तो वे खुद भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
आंदोलन 22वें दिन में
25 जुलाई से शुरू हुआ यह आंदोलन शनिवार, 15 अगस्त को अपने 22वें दिन में प्रवेश कर चुका था, और अब सरकार के इस्तीफे की मांग तक पहुंच गया है — जो शुरुआती परीक्षा-सुधार की मांगों से एक बड़ा राजनीतिक विस्तार है।
नोट: यह एक विकसित हो रही स्थिति है। 18 अगस्त की समय सीमा और उसके बाद की घटनाओं के आधार पर जानकारी अपडेट की जा सकती है।