उत्तराखंड नेशनल गेम्स मेडलिस्ट को मिलेगी सरकारी नौकरी,कैबिनेट की मंजूरी

उत्तराखंड नेशनल गेम्स मेडलिस्ट के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 38वें नेशनल गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह फैसला राज्य के खेल जगत के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है और रुद्रपुर, हल्द्वानी, देहरादून सहित पूरे उत्तराखंड के खिलाड़ियों को सीधा फायदा पहुंचाएगा।

उत्तराखंड नेशनल गेम्स मेडलिस्ट को मिलेगी सरकारी नौकरी,कैबिनेट की मंजूरी

38वें नेशनल गेम्स में उत्तराखंड नेशनल गेम्स मेडलिस्ट ने रचा इतिहास

गौरतलब है कि 38वें नेशनल गेम्स का आयोजन इसी साल उत्तराखंड में हुआ था, जिसमें देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और पिथौरागढ़ सहित कई शहरों में मुकाबले खेले गए। मेजबान राज्य होने के नाते उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने कुल मिलाकर 100 से ज्यादा पदक अपने नाम किए, जो राज्य के खेल इतिहास में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी और प्रोत्साहन राशि देने का वादा किया था, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी के साथ अमली जामा पहनाया जा रहा है।

243 नए पदों का तोहफा, हर उत्तराखंड नेशनल गेम्स मेडलिस्ट को मिलेगा मौका

खेल मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि इस निर्णय के तहत सरकार ने खिलाड़ियों की नियुक्ति के लिए कुल 243 पद सृजित किए हैं। यह नियुक्तियां खेल एवं युवा कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग और परिवहन विभाग सहित कई विभागों में की जाएंगी। जल्द ही खेल विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद खिलाड़ी अपनी पसंद के विभाग में आवेदन कर सकेंगे।

पदक के हिसाब से तय होगा हर उत्तराखंड नेशनल गेम्स मेडलिस्ट का ग्रेड-पे

प्रस्ताव के मुताबिक, स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को उनकी उपलब्धि के अनुसार अलग-अलग श्रेणी के पदों पर नियुक्त किया जाएगा। हर उत्तराखंड नेशनल गेम्स मेडलिस्ट का ग्रेड-पे जीते गए पदक और संबंधित पद के अनुसार तय होगा, जिसके लिए जल्द सरकारी आदेश जारी किया जाएगा।

5 साल तक खेल विभाग का साथ नहीं छोड़ेगा कोई उत्तराखंड नेशनल गेम्स मेडलिस्ट

इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि जो खिलाड़ी खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अलावा किसी अन्य विभाग में नियुक्त होंगे, वे भी अगले 5 वर्षों तक खेल विभाग से संबद्ध रहकर अपनी सेवाएं देते रहेंगे। इससे राज्य में खेल गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा मिलता रहेगा और अनुभवी खिलाड़ी नई पीढ़ी को प्रशिक्षित भी कर सकेंगे।

रुद्रपुर और तराई क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा मौका

इस फैसले का फायदा सिर्फ देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा। रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर और तराई क्षेत्र के जिन खिलाड़ियों ने 38वें नेशनल गेम्स में उत्तराखंड की ओर से पदक जीते हैं, वे भी इस भर्ती प्रक्रिया के दायरे में आएंगे। खेल विभाग की अधिसूचना जारी होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे तराई क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को भी सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिलेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

सवाल: उत्तराखंड नेशनल गेम्स मेडलिस्ट को नौकरी कब मिलेगी?

खेल विभाग की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, जिसकी तारीख जल्द घोषित की जाएगी।

सवाल: कितने पद सृजित किए गए हैं?

कैबिनेट ने कुल 243 पद सृजित करने की मंजूरी दी है।

सवाल: किन विभागों में मिलेगी नियुक्ति?

खेल एवं युवा कल्याण, शिक्षा, पुलिस और परिवहन विभाग सहित कई विभागों में नियुक्ति दी जाएगी।

सवाल: नियुक्ति के बाद खिलाड़ी की सैलरी किस आधार पर तय होगी?

खिलाड़ी का ग्रेड-पे उसके जीते गए पदक (स्वर्ण, रजत या कांस्य) और जिस पद पर नियुक्ति होगी ।

निष्कर्ष

हर उत्तराखंड नेशनल गेम्स मेडलिस्ट के लिए यह फैसला सम्मान और सुरक्षा दोनों की गारंटी देता है।

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