नैनीताल की लोअर मॉल रोड एक साल से बंद, व्यापारियों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन शहर नैनीताल में करीब एक साल से बंद पड़ी लोअर मॉल रोड का मुद्दा अब लगातार गरमाता जा रहा है। यह सड़क शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में गिनी जाती है, और इसके लंबे समय से बंद रहने के कारण स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान प्रशासनिक स्तर पर कई निरीक्षण और बैठकें हो चुकी हैं। सड़क खोलने को लेकर अलग-अलग समयसीमाएं और आश्वासन भी सामने आए, लेकिन व्यापारियों का दावा है कि जमीनी स्तर पर अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

लोअर मॉल रोड खोलने की मांग पुनीत टंडन का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

स्वतंत्रता दिवस के दिन मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने लोअर मॉल रोड के ग्राउंड जीरो पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। उनकी मुख्य मांग है कि सड़क की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और इसे जल्द से जल्द आवाजाही के लिए खोला जाए।

व्यापार मंडल का साफ कहना है कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को ठोस कार्रवाई करते हुए दिखाना होगा। धरने को व्यापारियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और कुछ सामाजिक प्रतिनिधियों का भी समर्थन मिल रहा है।

नैनीताल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बड़ी भूमिका है, और शहर में आने वाले पर्यटकों की आवाजाही स्थानीय बाजारों के कारोबार से सीधे जुड़ी हुई है। ऐसे में किसी प्रमुख सड़क का लंबे समय तक बंद रहना व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इस समस्या को केवल सड़क की मरम्मत तक सीमित नहीं देखा जा सकता — इसका सीधा संबंध शहर के पर्यटन और भविष्य की व्यवस्थाओं से जुड़ गया है।

लोअर मॉल रोड के बंद रहने के बीच अब मां नंदा-सुनंदा के डोले के पारंपरिक नगर भ्रमण को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है। सितंबर में होने वाले इस धार्मिक आयोजन के दौरान डोला अपने पारंपरिक मार्ग से नगर भ्रमण करता है।

रिपोर्ट के अनुसार यह सवाल उठ रहा है कि अगर सड़क समय पर नहीं खुली, तो क्या डोले के पारंपरिक मार्ग में बदलाव करना पड़ेगा। इस तरह यह मुद्दा अब सिर्फ यातायात और कारोबार तक सीमित न रहकर स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं से भी जुड़ गया है।

लोअर मॉल रोड को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कई बार निरीक्षण और बैठकें हो चुकी हैं। व्यापारियों का आरोप है कि अलग-अलग मौकों पर सड़क खोलने की समयसीमा बताई गई, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रही। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती गई, और आखिरकार व्यापार मंडल ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया।

करीब एक साल से चली आ रही इस समस्या के बीच अब नैनीताल के व्यापारियों और स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। लोगों की स्पष्ट मांग है कि सड़क को लेकर केवल नई तारीख या आश्वासन न दिया जाए, बल्कि जमीन पर स्थायी समाधान नजर आना चाहिए।

फिलहाल अनिश्चितकालीन धरना जारी है। आने वाले दिनों में प्रशासन इस मामले को किस तरह सुलझाता है, और सितंबर में होने वाले मां नंदा-सुनंदा के डोले के पारंपरिक मार्ग को लेकर क्या व्यवस्था की जाती है — इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। सड़क की तकनीकी स्थिति, मरम्मत और आगामी धार्मिक आयोजन के मार्ग से संबंधित अंतिम निर्णय प्रशासन एवं संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी के आधार पर माना जाएगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top