काशीपुर | ENewsxpress Desk :
हरदीप सिंह हत्याकांड ने पूरे ऊधम सिंह नगर जिले को हिला दिया है। काशीपुर के पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख हरदीप सिंह (38) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए बचपन के दोस्त संदीप सिंह और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। हम आपको यह पूरी खबर विस्तार से बता रहे हैं।

पार्टी की रात से शुरू हुआ हरदीप सिंह हत्याकांड का घटनाक्रम
कुंडा थाना क्षेत्र स्थित संधू ढाबा पर 11 सितंबर की शाम हरदीप सिंह अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने गए थे। पार्टी खत्म होने के बाद रात में सभी दोस्त संदीप सिंह के गोरा फार्म स्थित घर चले गए। देर रात करीब एक बजे गोली चलने की आवाजें आईं। हरदीप सिंह को गंभीर हालत में मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें रात में ही दिल्ली ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मां की तहरीर से खुला हरदीप सिंह हत्याकांड का सच
मृतक की मां रजविंदर कौर ने कुंडा थाना में तहरीर देकर बताया कि संदीप सिंह ने अपनी पत्नी और हरदीप की मां की मौजूदगी में गोली मारी थी। पुलिस ने अपराध संख्या 274/2026 के तहत बीएनएस की धारा 103(1), 238, 61(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 में मुकदमा दर्ज किया। एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में कई टीमें बनाई गईं, जिन्होंने घटनास्थल की गहन छानबीन की।
पूरी खबर पढ़ें → Uttarakhand: Two Men Handed Over to Police After Alleged Harassment of Women Sparks Tension in Village
हथियार बरामदगी के साथ सुलझा हरदीप सिंह हत्याकांड
पुलिस जांच में सामने आया कि संदीप सिंह उर्फ सोना (40) मुख्य आरोपी है, जबकि उसकी पत्नी संदीप कौर (35) पर सबूत मिटाने का आरोप है। पुलिस ने मुख्य आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल लाइसेंसी पिस्टल, खोखा कारतूस और कार बरामद की है। शुरुआती जांच में हत्या की वजह रुपयों के लेन-देन का विवाद सामने आई है।
पुलिस टीम की मेहनत से सुलझा हरदीप सिंह हत्याकांड
एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में कोतवाली कुंडा पुलिस ने कई टीमें गठित कीं। इन टीमों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में गहन छानबीन की। संदिग्धों से पूछताछ के साथ-साथ वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया गया। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी जांच में जुटे रहे, जिसके चलते महज 48 घंटे के भीतर मामले की गुत्थी सुलझ गई।
निष्कर्ष
हरदीप सिंह हत्याकांड यह दिखाता है कि पैसों के लेन-देन के विवाद कभी-कभी कितने गंभीर रूप ले सकते हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले का खुलासा जल्दी हो गया, लेकिन यह घटना पूरे इलाके के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मामले की आगे की जांच जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:
सवाल: हरदीप सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी कौन है?
मुख्य आरोपी संदीप सिंह उर्फ सोना है, जो हरदीप का करीबी दोस्त था।
सवाल: पुलिस ने कितने समय में मामला सुलझाया?
पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सवाल: हत्या की वजह क्या सामने आई है?
शुरुआती जांच में रुपयों के लेन-देन का विवाद हत्या की वजह बताया जा रहा है।
सवाल: घटना में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1), 238, 61(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 में मुकदमा दर्ज किया है।
जागरूकता नोट :
रुपयों के लेन-देन के विवाद कई बार दोस्ती में भी गंभीर रंजिश का रूप ले लेते हैं |
स्रोत:
Enewsxpress, अमर उजाला, ईटीवी भारत, हल्द्वानी एक्सप्रेस न्यूज़