देहरादून | ENewsxpress Desk :
त्योहारों का समय शुरू होते ही उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरों और जमाखोरों के खिलाफ पूरे राज्य में सख्त जांच अभियान शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त, विनय शंकर पांडे के आदेश पर यह अभियान पूरे उत्तराखंड में चलाया जा रहा है।

कहां-कहां होगी जांच?
इस अभियान के दौरान डेयरी उत्पाद बनाने वाली जगहों, गोदामों, थोक और रिटेल बाजारों, होटलों, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों की बारीकी से जांच की जाएगी। विभाग का खास ध्यान नकली पनीर और दूध के अन्य उत्पादों के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी और मिलावट को रोकने पर है।
देहरादून-मसूरी रोड पर पहले ही हुई छापेमारी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 11 अगस्त को देहरादून जिले में छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान देहरादून-मसूरी रोड पर स्थित बड़े होटलों की जांच की गई। इस कार्रवाई का मकसद लोगों को सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी का खाना मिलना सुनिश्चित करना और मिलावट को रोकना था।
CM धामी के निर्देश पर चल रहा अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ निर्देश दिए हैं कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी वजह से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य संरक्षा आयुक्त ने भी कहा है कि मिलावटखोरों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। यह अभियान लगातार और सख्ती से जारी रहेगा ताकि लोगों तक केवल शुद्ध और सुरक्षित खाना ही पहुंचे।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
इस अभियान का मुख्य लक्ष्य उन चीजों की बिक्री को रोकना है जो लोगों को भ्रमित करती हैं या जिनमें मिलावट होती है। जांच के दौरान विभाग संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेगा और उन्हें लैब में जांच के लिए भेजेगा। अगर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित दुकानों और संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार स्रोतों पर आधारित है। अभियान से जुड़े विशिष्ट जिलों, जमाखोरी-रोधी कार्रवाई के ब्यौरे और आगे के अपडेट के लिए कृपया खाद्य सुरक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना देखें।