अथर्व रैना: कुवैत में पले-बढ़े 14 वर्षीय भारतीय कार्टिंग ड्राइवर, Formula Racing के सपने की ओर बढ़ते कदम

पारंपरिक classroom education से अलग सीखने का अनुभव, नई चीजों को जानने की जिज्ञासा और रफ्तार के प्रति जुनून—इन तीनों ने 14 वर्षीय अथर्व रैना की कहानी को बेहद खास बना दिया है। देहरादून, उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाले अथर्व आज अंतरराष्ट्रीय कार्टिंग ट्रैक पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए Formula Racing की दिशा में अपने शुरुआती लेकिन गंभीर कदम बढ़ा रहे हैं।

महज 14 साल की उम्र में अथर्व ने ऐसा सफर शुरू कर दिया है, जो उन्हें अपनी उम्र के अधिकांश किशोरों से अलग पहचान देता है। कुवैत में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्टिंग में प्रतिस्पर्धा करने वाले अथर्व अब एक युवा भारतीय रेसिंग टैलेंट के रूप में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

उनका सफर केवल एक रेसिंग ड्राइवर बनने का व्यक्तिगत सपना नहीं है, बल्कि इसमें उत्तराखंड और भारत का गौरव अंतरराष्ट्रीय रेसिंग सर्किट तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षा भी जुड़ी हुई है।

फिलहाल अथर्व JNKD Team के साथ रेसिंग कर रहे हैं और दुबई, UAE में होने वाले 2026–27 RMC Championship season की तैयारी में जुटे हैं। उनका दीर्घकालिक लक्ष्य कार्टिंग से आगे बढ़कर Formula Racing में अपनी जगह बनाना और अंततः Formula 1 तक पहुंचने के अपने सपने को पूरा करना है।

लेकिन अथर्व रैना की कहानी की शुरुआत किसी रेसिंग कार्ट से नहीं हुई थी।

यह कहानी शुरू हुई थी एक ऐसे बच्चे से, जिसे अपने तरीके से सोचने, सीखने और दुनिया को अपने नजरिए से समझने की आजादी दी गई।

देहरादून के 14 वर्षीय अथर्व रैना का इंटरनेशनल कार्टिंग में जलवा
देहरादून से कुवैत तक, अलग अंदाज में हुई परवरिश

अथर्व का जन्म देहरादून, उत्तराखंड में हुआ। उनका बचपन उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और कुवैत के बीच बीता। इस दौरान उन्हें प्रकृति, तकनीक, रचनात्मकता और अनुशासन के साथ सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिला।

उनके पिता कुणाल रैना Merchant Navy में कार्यरत रहे और अपने करियर में Master के पद तक पहुंचे। वहीं उनके परिवार की जड़ें उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर से गहराई से जुड़ी हुई हैं।

अथर्व की मां ने उनकी परवरिश और शिक्षा के लिए पारंपरिक रास्ते के बजाय एक अलग दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने अथर्व को किसी तय career path में बांधने के बजाय उनकी रुचियों को समझने और अलग-अलग क्षेत्रों को explore करने के लिए प्रोत्साहित किया।

इसी वजह से अथर्व ने unschooling और experience-based learning के जरिए शिक्षा हासिल की। इस approach में उनका सीखना केवल किताबों और classroom तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने observation, travel, technology, nature, experimentation और hands-on experiences के जरिए चीजों को समझना शुरू किया।

इस तरह की शिक्षा ने उन्हें अपनी जिज्ञासा के अनुसार अलग-अलग चीजों को जानने और अपने passion को पहचानने का अवसर दिया।

कार, इंजन और तकनीक से बचपन से रहा लगाव

Motorsport की दुनिया में आने से काफी पहले ही अथर्व को cars, engines, machinery, aircraft और technology में गहरी दिलचस्पी थी।

वह चीजों को केवल देखने तक सीमित नहीं रखते थे, बल्कि उन्हें समझने और यह जानने की कोशिश करते थे कि वे कैसे काम करती हैं।

उनकी रुचियां केवल automobiles और racing तक ही सीमित नहीं रहीं। अथर्व ने painting, digital art, 3D modelling, baking, crocheting और coffee-making जैसे कई अलग-अलग क्षेत्रों को भी explore किया।

इसके साथ ही उन्हें पहाड़ों, जानवरों और प्रकृति से भी खास लगाव रहा है।

अलग-अलग क्षेत्रों में रुचि और अनुभव हासिल करने का यह सिलसिला उनके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। उनके माता-पिता का मानना है कि इन अनुभवों ने अथर्व में observation, concentration, creativity, technical thinking, patience और discipline जैसी qualities विकसित करने में मदद की।

और शायद यही curiosity आगे चलकर उन्हें racing track तक ले गई।

athrav raina images
फिर जिंदगी में आई Karting

अथर्व के जीवन में एक समय ऐसा आया जब उनकी कारों और रफ्तार के प्रति दिलचस्पी ने उन्हें karting track तक पहुंचा दिया।

शुरुआत में karting उनके लिए एक recreational activity थी। लेकिन पहली बार kart चलाने के बाद जल्द ही यह स्पष्ट होने लगा कि उनके अंदर racing के लिए एक natural ability है।

इसके बाद उन्होंने कुवैत में karting tracks पर नियमित रूप से जाना शुरू किया। उनकी lap times तेजी से बेहतर होने लगीं और उनके प्रदर्शन को देखकर coaches और track personnel ने भी उनके परिवार को competitive racing की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

जो शुरुआत केवल शौक के तौर पर हुई थी, वह धीरे-धीरे एक serious racing journey में बदल गई।

कार्टिंग में कई पोडियम फिनिश, कम उम्र में शानदार प्रदर्शन

अथर्व रैना ने बेहद कम उम्र में ही Karting Racing में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। कुवैत में शुरुआती रेसिंग अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने competitive karting में हिस्सा लेना शुरू किया और कई प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम फिनिश हासिल की।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अथर्व की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:

  • 🥈 Q8 Karting Championship – दूसरा स्थान
  • 🥉 Hawk Championship – तीसरा स्थान
  • 🥈 Hawk Spring Championship – दूसरा स्थान
  • 🥈 Hawk Academy Race – दूसरा स्थान

इन लगातार podium finishes से कम उम्र में ही अथर्व की racecraft, competitive spirit और consistency का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अलग-अलग championships में अच्छे परिणाम हासिल करने के बाद अथर्व ने international-level karting की ओर अपना ध्यान केंद्रित किया। उनकी journey यह भी दिखाती है कि racing में केवल speed ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि consistency, concentration और pressure में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही अहम होती है।

अथर्व की खासियत केवल उनकी speed नहीं है, बल्कि race के दौरान परिस्थितियों को समझना, अपनी गलतियों से सीखना और हर competition के साथ अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश करना भी है।

यही qualities उन्हें एक promising young Indian karting driver के रूप में आगे बढ़ने में मदद कर रही हैं।

Kuwait से Dubai तक पहुंचा Karting का सफर

कुवैत में शुरुआती सफलता हासिल करने के बाद अथर्व की महत्वाकांक्षा उन्हें international racing environment की ओर ले गई।

उन्होंने outdoor two-stroke karting को explore करना शुरू किया और competitive teams के साथ testing के लिए Dubai की यात्रा की।

Dubai का racing environment उनके लिए एक बड़ा learning experience साबित हुआ। यहां उन्हें ज्यादा मजबूत competition, international drivers और motorsport के ज्यादा demanding environment का सामना करने का मौका मिला।

यह अनुभव उनके लिए केवल race करने का अवसर नहीं था, बल्कि international-level karting की वास्तविक चुनौतियों को समझने का भी माध्यम बना।

बाद में अथर्व JNKD Team से जुड़े और Dubai में competitive karting में हिस्सा लेना शुरू किया।

अब वह international karting में हासिल हो रहे अनुभव को अपने long-term Formula Racing लक्ष्य की दिशा में इस्तेमाल कर रहे हैं।

दुबई में ट्रेनिंग के बाद रफ्तार में आया निखार

अथर्व की racing journey में Dubai की training भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, Dubai में करीब दो महीने की training के बाद उन्होंने front-running race pace के करीब प्रदर्शन किया। बताया गया है कि वह front-running pace से करीब 0.5 सेकंड की दूरी तक पहुंचे।

इतने कम समय में competitive racing environment के साथ खुद को adapt करना उनके learning curve और racing talent को दर्शाता है।

हालांकि racing में केवल lap time ही सफलता का पैमाना नहीं होता। Track conditions, competition, kart setup और race strategy जैसे कई factors भी performance को प्रभावित करते हैं। अथर्व के लिए यह पूरा अनुभव अपने racecraft को लगातार बेहतर करने का हिस्सा है।

International Track पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है खास

अथर्व के लिए racing केवल speed और competition का खेल नहीं है। उनके लिए भारत का प्रतिनिधित्व करना इस journey का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कुवैत में पले-बढ़े और देहरादून, उत्तराखंड से जुड़े होने के कारण अथर्व की पहचान कई जगहों से जुड़ती है, लेकिन international racing circuit पर वह Indian flag के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।

उनका सपना है कि जैसे-जैसे वह international karting में आगे बढ़ें, वैसे-वैसे भारत का तिरंगा भी उनके साथ आगे बढ़े और भविष्य में वह Formula Racing में भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकें।

उत्तराखंड से आने वाले इस युवा racer के लिए यह यात्रा व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ अपने राज्य और देश को गौरवान्वित करने का अवसर भी है।

🏁 Racing में setbacks से सीखने की कोशिश

Racing में केवल जीत ही महत्वपूर्ण नहीं होती। कई बार एक छोटी सी घटना पूरी race का परिणाम बदल सकती है।

अथर्व के शुरुआती Dubai races में से एक में race के अंतिम चरण में हुई एक घटना के कारण वह पीछे चले गए। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय दोबारा अपनी position हासिल करने के लिए field में आगे बढ़ने की कोशिश की।

उनके परिवार के लिए ऐसे moments finishing position जितने ही महत्वपूर्ण हैं।

उनका मानना है कि racing एक driver को यह सिखाती है कि जब परिस्थितियां आपकी योजना के मुताबिक न हों, तब आप किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।

यही resilience और pressure में decision-making आगे चलकर एक racing driver के लिए बेहद महत्वपूर्ण qualities बन सकती हैं।

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Racing Simulator से भी करते हैं तैयारी

Track पर practice के अलावा अथर्व अपने racing simulator पर भी काफी समय बिताते हैं।

Simulator के जरिए वह अलग-अलग circuits, racing environments और racecraft को समझने की कोशिश करते हैं। इससे उन्हें circuits की layout, racing lines और race situations को समझने का अवसर मिलता है।

कम उम्र में ही simulator racing में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई।

करीब 11 साल की उम्र में उन्होंने iRacing पर Formula 4 Championship जीती थी। इस प्रदर्शन ने एक US racing team का ध्यान भी आकर्षित किया और उन्हें Formula 4 testing का offer मिला।

हालांकि, कम उम्र और Formula cars में इतनी जल्दी आगे बढ़ने को लेकर परिवार की चिंताओं के कारण इस अवसर को आगे नहीं बढ़ाया गया।

फिर भी इस अनुभव ने अथर्व के मन में यह विश्वास और मजबूत किया कि उनका अंतिम लक्ष्य Formula Racing ही है।

Motorsport के अलावा भी कई क्षेत्रों में रुचि

अथर्व की personality केवल racing तक सीमित नहीं है।

वह gaming, reading, art, technology और animals में भी रुचि रखते हैं। उन्होंने digital और traditional art के साथ-साथ 3D modelling, aviation, engines और engineering जैसे क्षेत्रों को भी explore किया है।

इसके साथ ही पहाड़ों और प्रकृति से उनका जुड़ाव आज भी बना हुआ है।

उनके माता-पिता का मानना है कि इन सभी अलग-अलग experiences ने उनके अंदर racing के लिए जरूरी कई qualities को विकसित किया है।

इनमें शामिल हैं:

  • Observation
  • Concentration
  • Creativity
  • Technical Thinking
  • Patience
  • Discipline
  • Problem Solving

इन अलग-अलग क्षेत्रों में रुचि ने अथर्व को केवल एक racer बनने के बजाय एक curious learner के रूप में भी विकसित किया है।

Atharv Raina का “GOAT Mindset” क्या है?

अथर्व की journey में उनके परिवार द्वारा बताया गया “GOAT mindset” भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

GOAT का अर्थ है Greatest of All Time

हालांकि 14 साल की उम्र में इसे महानता का दावा नहीं माना जा सकता। अथर्व के लिए यह एक mindset है—अपने लिए लगातार बेहतर standards तय करना।

इस mindset का मतलब है:

सीखते रहना, सुधार करते रहना, गलतियों से सीखना और हर दिन खुद का बेहतर version बनने की कोशिश करना।

एक racing driver के लिए यह mindset इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Motorsport में हर race एक नया learning experience लेकर आती है।

कभी जीत मिलती है, कभी हार। कभी pace बेहतर होता है और कभी technical या racing परिस्थितियां चुनौती बन जाती हैं।

अथर्व के लिए इन सभी परिस्थितियों से सीखना उनकी journey का हिस्सा है।

2026–27 RMC Championship पर नजर

अब अथर्व के सामने अगली बड़ी चुनौती 2026–27 RMC Championship season है।

वह JNKD Team के साथ इस season की तैयारी कर रहे हैं। Dubai में होने वाली competitive racing में उन्हें अपने racecraft को और बेहतर करने, international competition का अनुभव हासिल करने और higher-level racing के लिए खुद को तैयार करने का मौका मिलेगा।

इस stage पर उनका immediate focus लगातार सीखने और performance को improve करने पर है।

RMC Championship में अनुभव हासिल करना उनके Formula Racing के long-term लक्ष्य की दिशा में एक और कदम हो सकता है।

Formula Racing और Formula 1 तक पहुंचने का सपना

Karting को motorsport की दुनिया में आगे बढ़ने वाले कई युवा drivers के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआती platform माना जाता है।

अथर्व भी इसी रास्ते पर आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं।

उनकी ambition है कि वह karting में अपने skills को मजबूत करने के बाद Formula Racing की ओर कदम बढ़ाएं और भविष्य में Formula 1 तक पहुंचने की कोशिश करें।

लेकिन Formula 1 का रास्ता बेहद लंबा और चुनौतीपूर्ण है।

इस सफर में उन्हें आने वाले वर्षों में कड़ी competition, setbacks, financial challenges, लगातार training और कई कठिन decisions का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल वह इस journey के शुरुआती चरण में हैं और उनका focus अपने वर्तमान level पर बेहतर प्रदर्शन करने तथा आगे के लिए खुद को तैयार करने पर है।

परिवार के लिए Formula 1 से भी बड़ा है एक सपना

अथर्व के परिवार के लिए उनका अंतिम लक्ष्य केवल Formula 1 तक पहुंचना नहीं है।

वे चाहते हैं कि अथर्व एक जिम्मेदार, स्वतंत्र, grounded और खुश इंसान बनें—ऐसा व्यक्ति जो अपनी राह चुनने का साहस रखता हो और अपने फैसलों की जिम्मेदारी समझता हो।

Formula 1 उनका सपना जरूर है, लेकिन परिवार के लिए उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है कि अथर्व अपने सफर में एक अच्छे इंसान के रूप में विकसित हों।

उनकी शिक्षा और परवरिश में भी इसी सोच की झलक दिखाई देती है, जहां उन्हें केवल एक तय career path की ओर बढ़ाने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों को explore करने की स्वतंत्रता दी गई।

Dehradun से International Karting तक, शुरू हो चुका है सफर

देहरादून से शुरू होकर उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और कुवैत तक फैला अथर्व रैना का सफर अब international karting circuits तक पहुंच चुका है।

एक तरफ 14 साल का यह युवा racer रफ्तार और competition की दुनिया में खुद को साबित करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसके पीछे curiosity, creativity, discipline और अपने तरीके से सीखने की एक अलग कहानी है।

कुवैत में शुरुआती karting experience से लेकर Dubai के competitive racing environment तक, अथर्व ने कम उम्र में ही motorsport की दुनिया में अपना रास्ता बनाना शुरू कर दिया है।

कई podium finishes, international karting experience, simulator racing और Formula Racing का सपना—इन सभी ने उनकी journey को एक अलग पहचान दी है।

उत्तराखंड का यह युवा रेसिंग टैलेंट कुवैत में पला-बढ़ा एक भारतीय driver है, जो international karting के जरिए Formula Racing की ओर अपना रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा है।

Formula 1 का सपना अभी काफी दूर है।

लेकिन अथर्व रैना का सफर शुरू हो चुका है। 🏎️🇮🇳

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