नैनीताल | ENewsxpress Desk:
नंदा देवी महोत्सव का भव्य आगाज हो चुका है और सरोवर नगरी नैनीताल पूरी तरह उत्सव के रंग में रंग गई है। सरोवर नगरी की पहचान बन चुके 124वें आयोजन के लिए स्थल से लेकर सारी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। इस मौके पर सांसद ने पांच लाख रुपये और विधायक ने ढाई लाख रुपये देने की घोषणा की, जिससे महोत्सव को और भव्य बनाने में मदद मिलेगी।

कितनी पुरानी है यह परंपरा ?
नंदा देवी महोत्सव की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। यह भव्य आयोजन नंदाष्टमी के अवसर पर मां नंदा और उनकी बहन सुनंदा की स्मृति में मनाया जाता है। बीते कई महीनों से धार्मिक आयोजनों के लिए अधिकृत संस्था राम सेवक सभा की ओर से पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर कई दौर की बैठकें हुईं, जिसके बाद ही तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। नगर पालिका की ओर से भी खेल मैदान में व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं।
600 दुकानों से सजा नंदा देवी महोत्सव का बाजार
इस बार नंदा देवी महोत्सव में 600 दुकानों के सापेक्ष 500 से अधिक दुकानें पहले ही बुक हो चुकी हैं। हिमाचल, श्रीनगर और राजस्थान जैसे राज्यों से भी कारोबारी यहां पहुंच रहे हैं। मेले में झूले हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहे हैं, और इस साल पांच वर्ष बाद फिर से मौत का कुआं भी लगाया जा रहा है। जर्मन हैंगर लगाया जा चुका है और इस बार ग्रेविटी झूला लोगों को खासा लुभाएगा।
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शुभारंभ के दिन नंदा देवी महोत्सव में हुईं ये रस्में
आयोजन संस्था के महासचिव के अनुसार, शुभारंभ दोपहर दो बजे छोलिया दल की प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें अतिथियों को मंच तक लाया गया। इसके बाद महिला झोड़ा प्रस्तुति सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। परंपरा के अनुसार छोलिया दल के साथ समिति से जुड़े लोग कदली वृक्ष लेने के लिए रवाना हुए, जो मां नंदा-सुनंदा की प्रतीकात्मक मूर्तियां बनाने के लिए इस्तेमाल होता है।
नंदा देवी महोत्सव देखने जा रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान?
अगर आप यह महोत्सव देखने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। मेला परिसर में भीड़ ज्यादा रहने की वजह से वाहन पार्किंग की व्यवस्था नगर पालिका द्वारा तय स्थानों पर ही करें। शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए जल्दी पहुंचना बेहतर रहेगा, क्योंकि मुख्य पंडाल में सीटें सीमित होती हैं। परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों के लिए झूले और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल भी खास आकर्षण रहेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :
सवाल: नंदा देवी महोत्सव किस मौके पर मनाया जाता है?
यह महोत्सव नंदाष्टमी के अवसर पर मां नंदा और सुनंदा की स्मृति में मनाया जाता है।
सवाल: इस साल कौन सा नंदा देवी महोत्सव मनाया जा रहा है?
इस साल 124वां नंदा देवी महोत्सव मनाया जा रहा है।
सवाल: महोत्सव में इस बार खास क्या है?
पांच साल बाद मौत का कुआं और नया ग्रेविटी झूला इस बार खास आकर्षण रहेंगे।
सवाल: महोत्सव के लिए कितनी दुकानें बुक हो चुकी हैं?
600 दुकानों के सापेक्ष 500 से अधिक दुकानें पहले ही बुक हो चुकी हैं।
निष्कर्ष
नंदा देवी महोत्सव न सिर्फ धार्मिक आस्था बल्कि कुमाऊं की सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। रुद्रपुर, हल्द्वानी और आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग इस महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं। अगर आप भी उत्तराखंड की परंपरा और संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं, तो यह मेला जरूर देखें।
नोट :
यह खबर नैनीताल में शुरू हुए 124वें नंदा महोत्सव पर आधारित है।
स्रोत:
यह न्यूज़ Enewsxpress और अन्य सभी सोर्सेज से चुनकर ली गई है।