बागेश्वर :
क्या है ताजा स्थिति?
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में लगातार हो रही बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को बागेश्वर-गरुड़ मुख्य मोटर मार्ग (NH) पर रवाईखाल के समीप एक तीव्र भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पहाड़ी से गिरते विशाल मलबे और बड़े बोल्डरों ने सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें बना दीं।
रवाईखाल, यह स्थान जिला मुख्यालय से केवल 8 से 10 किलोमीटर दूर है, फिर भी यह मार्ग बार-बार भूस्खलन का शिकार होता रहा है।

पुरानी JCB के भरोसे प्रशासन, लोग परेशान
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस अति‑महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग को फिर से खोलने के लिए विभाग के पास केवल एक पुरानी जेसीबी मशीन है। इस कारण मलबा हटाने और मार्ग बहाल करने में बहुत समय लग रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
भूस्खलन पहला मौका नहीं है जब यह मार्ग बाधित हुआ है। पिछले सप्ताह भी रवाईखाल में इसी तरह के भूस्खलन के कारण बागेश्वर-गरुड़ मोटर मार्ग लगभग पाँच घंटे तक पूरी तरह बंद रहा, जिससे आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति प्रभावित हुई।
जिले में बारिश का लगातार प्रकोप
बागेश्वर जिले में कई दिनों से रुक-रुक कर भारी बारिश चल रही है, जिसके कारण सरयू और गोमती नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बारिश और भूस्खलन के संयुक्त असर से जिले की कई ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गई हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों के लोगों की कठिनाइयाँ बढ़ गई हैं।
प्रशासन की तैयारियां साबित हो रहीं नाकाफी
मानसून सीजन में आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों के दावे रवाईखाल में बार-बार भूस्खलन के सामने कमजोर साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संवेदनशील स्थान पर स्थायी समाधान के बजाय हर बार केवल अस्थायी रूप से मलबा हटाकर मार्ग खोला जाता है, जिससे अगली बारिश में समस्या फिर से खड़ी हो जाती है।
आम जनजीवन पर पड़ा सीधा असर
हाईवे बंद होने से न सिर्फ आम यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और स्कूल जाने वाले बच्चों की आवाजाही पर भी बुरा असर पड़ा है। दोनों तरफ फंसे वाहनों में सवार यात्री घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल विभाग की टीमें उपलब्ध संसाधनों के साथ मलबा हटाने में लगी हैं, ताकि जल्द से जल्द रवाईखाल के मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया जा सके। हालांकि जिले में बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है, ऐसे में आने वाले दिनों में भी रवाईखाल के मार्ग पर फिर से भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
निष्कर्ष
बागेश्वर-गरुड़ हाईवे पर रवाईखाल में बार‑बार हो रहा भूस्खलन एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों की भेद्यता और आपदा प्रबंधन संसाधनों की कमी को उजागर करता है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि प्रशासन इस संवेदनशील स्थान पर स्थायी समाधान की दिशा में जल्द कदम उठाए, ताकि हर बारिश में इस मार्ग के बाधित होने की समस्या से निजात मिल सके।
नोट: यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। स्थिति में लगातार बदलाव हो सकता है, इसलिए ताजा जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।