हरिद्वार | ENewsxpress Desk:
हरिद्वार फर्जीवाड़ा मामले में जांच अब आगे बढ़ चुकी है। फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस दाखिले के इस मामले में सोमवार को एसआईटी की टीम हरिद्वार मेडिकल कॉलेज पहुंची और आरोपी छात्रा के सभी दस्तावेज कब्जे में ले लिए। आइए जानते हैं इस हरिद्वार फर्जीवाड़ा मामले से जुड़ी पूरी जानकारी।

आखिर क्या है हरिद्वार फर्जीवाड़ा का पूरा मामला?
पिछले दिनों मेडिकल विश्वविद्यालय में फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए एमबीबीएस में दाखिलों का मामला सामने आया था, जिसे अब हरिद्वार फर्जीवाड़ा के नाम से जाना जा रहा है। जांच में पता चला कि चार छात्राओं ने स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर के उत्तराधिकारी होने का फर्जी प्रमाणपत्र जमा किया और दाखिला पाने में सफल हो गईं। बाद में जब दस्तावेजों की जांच हुई तो ये सभी प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। इसके बाद चारों छात्राओं के खिलाफ क्लेमेंटटाउन और रायपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन कर जांच शुरू कर दी गई।
एसआईटी की पूछताछ से खुलती हरिद्वार फर्जीवाड़ा की परतें
एसआईटी ने सबसे पहले शनिवार को एसडीएम सदर कार्यालय में पटवारियों से पूछताछ की थी। इससे पहले भी एसआईटी कई पटवारियों और अन्य कर्मचारियों से देहरादून में पूछताछ कर चुकी है, जो हरिद्वार फर्जीवाड़ा से जुड़े सुराग जुटाने की कोशिश है।इसी क्रम में सोमवार को एसआईटी हरिद्वार मेडिकल कॉलेज पहुंची, जहाँ से आरोपी छात्रा के सभी दस्तावेज कब्जे में लिए गए और कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। एसआईटी अब इन दस्तावेजों की विस्तृत जांच कराएगी।
अब कई और प्रमाणपत्र भी जांच के घेरे में
यह जांच अब केवल स्वतंत्रता सेनानी के उत्तराधिकारी वाले फर्जी प्रमाणपत्र तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें अब सभी तरह के प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है। इस मामले में प्रशासन की संयुक्त जांच समिति भी जांच कर रही है। वर्तमान में ईडब्ल्यूएस (EWS) और स्थायी निवास प्रमाणपत्र भी जांच के दायरे में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री को 370 स्थायी निवास प्रमाणपत्रों की सूची सौंपी गई थी, जिसमें बताया गया कि कई लोगों ने अपने बच्चों के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तरह-तरह के षडयंत्र रचे हैं।
हरिद्वार फर्जीवाड़ा से जुड़े अहम तथ्य
- मामला: फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस दाखिला
- शामिल छात्राएं: चार, जिन्होंने स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी का फर्जी प्रमाणपत्र दिया
- दर्ज मामले: क्लेमेंटटाउन और रायपुर थाने में प्राथमिकी
- जांच एजेंसी: एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी
- ताज़ा कार्रवाई: हरिद्वार मेडिकल कॉलेज से छात्रा के दस्तावेज जब्त
- जांच का विस्तार: EWS और स्थायी निवास प्रमाणपत्र भी दायरे में
निष्कर्ष
हरिद्वार फर्जीवाड़ा मामले में जांच अब तेज़ी से आगे बढ़ रही है। एसआईटी ने दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। इस मामले से जुड़े हर लेटेस्ट अपडेट के लिए हमारे ब्लॉग से जुड़े रहें।
हरिद्वार फर्जीवाड़ा: एक नज़र में पूरा घटनाक्रम
- फर्जी प्रमाणपत्रों से 4 छात्राओं का MBBS में दाखिला सामने आया
- क्लेमेंटटाउन और रायपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज
- एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित
- पटवारियों और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू
- हरिद्वार मेडिकल कॉलेज से छात्रा के दस्तावेज जब्त
- अब EWS और स्थायी निवास प्रमाणपत्र भी जांच के घेरे में
नोट: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। जांच जारी होने के कारण इसमें आगे बदलाव संभव है, इसलिए ताज़ा और आधिकारिक अपडेट के लिए मूल समाचार स्रोत ज़रूर देखें।
Sources: ENewsxpress