हल्द्वानी | ENewsxpress Desk :
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल इंटर्न अब स्टाइपेंड न मिलने से नाराज होकर आंदोलन की राह पर उतर आए हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में पहले से चल रहे एमबीबीएस इंटर्न और पीजी डॉक्टरों के आंदोलन के बीच अब यही पैरामेडिकल छात्र भी अपनी मांग को लेकर मोर्चा खोल चुके हैं। छात्रों ने मुख्यमंत्री को सीधे ज्ञापन भेजकर स्टाइपेंड की मांग रख दी है।

मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल इंटर्न का आंदोलन: क्या है मामला
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल विभाग के छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान अब तक कोई स्टाइपेंड नहीं दिया जा रहा था। इसी को लेकर छात्रों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई थी। डॉक्टरों के आंदोलन ने जब जोर पकड़ा, तो पैरामेडिकल छात्रों ने भी अपनी आवाज बुलंद करने का फैसला किया और स्टाइपेंड की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया।
अस्पताल सेवाओं पर सीधा असर : हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल इंटर्न
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल इंटर्न के आंदोलन में उतरने से एसटीएच की कई अहम सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। मेडिकल कॉलेज लैब से जुड़े कामकाज में रुकावट आ सकती है, जिनमें शामिल हैं:
- रेडियोलॉजी विभाग की सेवाएं
- एक्स-रे जांच
- सीटी स्कैन
- एमआरआई जांच
- आईसीयू से जुड़ा लैब कार्य
पृष्ठभूमि: पहले से चल रहा है पैरामेडिकल इंटर्न-पीजी डॉक्टरों का बड़ा आंदोलन
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल इंटर्न का यह विरोध अचानक नहीं उठा है, बल्कि यह सुशीला तिवारी अस्पताल में पहले से चल रहे एक बड़े आंदोलन की अगली कड़ी है। पिछले कुछ दिनों से यहां एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और अपना मासिक स्टाइपेंड मौजूदा 17 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और अस्पताल में उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए मौजूदा स्टाइपेंड पर्याप्त नहीं है, और अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में यह राशि काफी कम है।
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निष्कर्ष
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड को लेकर आंदोलन यह साफ दिखाता है कि सुशीला तिवारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लगभग हर वर्ग के छात्र और डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन के बाद अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इंटर्न, पीजी डॉक्टरों और पैरामेडिकल छात्रों — तीनों की मांगों पर कितनी जल्दी और किस तरह का फैसला लेती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल इंटर्न क्यों आंदोलन कर रहे हैं?
पैरामेडिकल छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है, इसी मांग को लेकर वे आंदोलन की राह पर हैं।
2. छात्रों ने ज्ञापन किसे भेजा है?
छात्रों ने एसडीएम के माध्यम से यह ज्ञापन सीधे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को भेजा है।
3. आंदोलन से किन अस्पताल सेवाओं पर असर पड़ सकता है?
रेडियोलॉजी, एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई और आईसीयू से जुड़े लैब कार्यों के अलावा ओपीडी और सामान्य सर्जरी |
4. क्या डॉक्टरों की मुख्यमंत्री से मुलाकात हो पाई?
इंटर्न और पीजी डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचा था, लेकिन यह मुलाकात नहीं हो सकी।
5. मेडिकल कॉलेज में कितने पैरामेडिकल छात्र प्रभावित हैं?
करीब 400 पैरामेडिकल छात्र इस आंदोलन से जुड़े हैं।
स्रोत: अमर उजाला, हल्द्वानी एक्सप्रेस न्यूज़