रांची:
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया, जब प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा मार्च का आह्वान किया। रविवार को आंदोलन अपने 16वें दिन में प्रवेश कर चुका था।

विधानसभा के आसपास सख्त निषेधाज्ञा
रांची एसएसपी के अनुसार, विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा पहले ही लागू की जा चुकी है, जो हर दिन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग और निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
छात्र नेता देवेंद्र महतो की तबीयत बिगड़ी
पिछले आठ दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की रविवार तड़के करीब 3 बजे तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उनकी जांच कर फिलहाल इलाज शुरू कर दिया है, जिससे आंदोलन को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
JLKM विधायक जयराम महतो का समर्थन
छात्रों के आंदोलन को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम महतो का भी समर्थन मिला। वे रविवार सुबह पुराने विधानसभा परिसर में एक दिवसीय निर्जला उपवास पर बैठे और हेमंत सोरेन सरकार से छात्रों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
सरकार और छात्रों के दावों में अंतर
राज्य सरकार का दावा है कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन प्रदर्शनकारी इससे सहमत नहीं हैं। मंच नेता रवींद्र पासवान ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के बीच फूट डालने और जनता का ध्यान भटकाने की राजनीतिक चाल चल रही है, लेकिन सभी छात्र एकजुट हैं।
अब तक 19 आरोपी गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा मामला
जांच एजेंसियों ने JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आयोग के एक पूर्व अध्यक्ष भी शामिल हैं। इसके अलावा, मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
50,000 से 1 लाख छात्रों के शामिल होने की संभावना
छात्र नेताओं के अनुसार, 10 अगस्त के इस मार्च में पूरे झारखंड से 50,000 से 1 लाख छात्र शामिल हो सकते हैं, और इसे आंदोलन के निर्णायक दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
प्रशासन की अपील—शांति बनाए रखें
पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और छात्र संगठनों के बीच कोई नया समाधान निकलता है या विधानसभा मार्च के बाद आंदोलन और तेज होगा।
नोट: यह एक विकसित हो रही स्थिति है। देवेंद्र महतो के स्वास्थ्य और मार्च के परिणाम पर आधारित जानकारी को नवीनतम स्रोतों से सत्यापित करें।