चेन्नई:
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी हलचल मची हुई है, जब ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम पार्टी के छह विधायकों ने अपनी सीटों से इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्ट्री कड़गम का दामन थाम लिया। इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को विधानसभा में तीखी बहस हुई।

कौन-कौन विधायक हुए शामिल?
मई 2026 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ 47 सीटें जीतने वाली ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, जो सदन में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी थी, अब लगातार अपने विधायक खोती जा रही है। अब तक इस्तीफा देने वाले छह विधायकों में एस. जयकुमार, मरगथम कुमारवेल, पी. सत्यबामा, डॉ. एस्सकी सुब्बैया, सी. विजयभास्कर और पूर्व मंत्री एम.आर. विजयभास्कर शामिल हैं। इन इस्तीफों के बाद ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की सदन में ताकत घटकर 41 रह गई है।
विधानसभा अध्यक्ष ने हाईकोर्ट को दी जानकारी
तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने 17 अगस्त को मद्रास हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने इन छह विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करने से पहले यह सुनिश्चित किया कि वे स्वेच्छा से दिए गए थे। यह जानकारी उन्होंने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के चीफ व्हिप अग्री एस.एस. कृष्णमूर्ति द्वारा दाखिल याचिका की सुनवाई के दौरान दी, जिसमें इस्तीफों की स्वीकृति को चुनौती दी गई थी।
पलानीस्वामी ने उठाए सवाल
विधानसभा में बहस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने सवाल उठाया कि जिन छह निर्वाचन क्षेत्रों में अब कोई विधायक नहीं है, वहां के लोगों के हितों की रक्षा कौन करेगा। उन्होंने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए एक “फिल्मी सितारे” पर राजनीति में “अशिष्टता” लाने का भी आरोप लगाया, जिसने राजनीति में शुद्धता का वादा किया था।
अब 7 सीटों पर होंगे उपचुनाव
छह ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम विधायकों के इस्तीफे के साथ-साथ मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा अपनी दो जीती हुई सीटों में से एक (त्रिची ईस्ट) खाली किए जाने के बाद, अब राज्यभर की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इन उपचुनावों को सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्ट्री कड़गम के लिए 234 सदस्यीय सदन में अपनी स्वतंत्र ताकत बढ़ाने का बड़ा मौका माना जा रहा है, जहां बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। फिलहाल तमिलगा वेट्ट्री कड़गम के पास खुद के 107 विधायक हैं, जिन्हें कांग्रेस (5), भारतीय मुस्लिम लीग (2) और वन्नियार कड़गम कांग्रेस (2) का समर्थन प्राप्त है, साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) का भी बाहरी समर्थन है।
मंत्रियों ने की जल्द उपचुनाव की मांग
सदन में मंत्रियों ने खाली सीटों पर जल्द उपचुनाव कराए जाने की मांग की, ताकि प्रभावित निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों को प्रतिनिधित्व मिल सके।
नोट: यह रिपोर्ट विधानसभा कार्यवाही और उपलब्ध समाचार स्रोतों पर आधारित है। उपचुनाव की तारीखों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।