उत्तराखंड | ENewsxpress Desk:
अजीत डोभाल पर टिप्पणी को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) पर राहुल गांधी के बयान के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस News में जानिए पूरा मामला, किसने क्या कहा, डोभाल का उत्तराखंड से रिश्ता और इसके राजनीतिक मायने क्या हैं।

अजीत डोभाल पर टिप्पणी: क्या है पूरा मामला?
भाजपा के अनुसार राहुल गांधी ने 19 सितंबर 2026 को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, एनएसए अजीत डोभाल समेत अन्य लोगों का उल्लेख करते हुए मौजूदा राजनीतिक और संस्थागत ढांचे को लेकर आरोप लगाए। इसके बाद अजीत डोभाल पर टिप्पणी का मुद्दा उत्तराखंड में राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया।
अजीत डोभाल पर टिप्पणी पर सीएम धामी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डोभाल को उत्तराखंड के लिए गौरव बताया और कहा कि उन्होंने देश-दुनिया में समर्पित होकर देश के लिए काम किया है। धामी के अनुसार इस तरह की भाषा का इस्तेमाल केवल उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए ठीक नहीं है, और उन्होंने इसे बेहद निंदनीय बताया।
धामी के बयान की मुख्य बातें:
- डोभाल को उत्तराखंड का गौरव बताया।
- धामी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की राजनीति में सेना, सैनिकों और उनके पराक्रम पर सवाल उठाए जाते हैं।
- उन्होंने इंदौर कार्यक्रम से जुड़े उस विवाद का भी ज़िक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति उठी है।
अजीत डोभाल पर टिप्पणी को लेकर भाजपा की प्रतिक्रिया
प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस टिप्पणी को हर देशभक्त का अपमान बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। भाजपा का कहना है कि सुरक्षा से जुड़े पदों को राजनीति के अखाड़े में नहीं घसीटा जाना चाहिए। पार्टी का यह भी दावा है कि राज्य की जनता आने वाले विधानसभा चुनावों में मतपेटी के जरिए इसका जवाब देगी।
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अजीत डोभाल कौन हैं?
अजीत डोभाल भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं और देश के सबसे चर्चित सुरक्षा अधिकारियों में गिने जाते हैं। वे 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी (केरल कैडर) हैं और लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में सेवाएं दे चुके हैं, जिसके निदेशक पद तक भी वे पहुंचे। 2014 से वे एनएसए की भूमिका में हैं। पुलिस सेवा में रहते हुए उन्हें कीर्ति चक्र से भी सम्मानित किया गया था।
उत्तराखंड में इतनी नाराज़गी क्यों
डोभाल मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र से हैं। राज्य में उन्हें “पहाड़ का बेटा” कहकर सम्मान दिया जाता है। उत्तराखंड को वैसे भी सैन्य परंपरा वाला राज्य माना जाता है, जहां हर गांव से कोई न कोई सेना या सुरक्षा बलों से जुड़ा है। यही वजह है कि अजीत डोभाल पर टिप्पणी को यहां सिर्फ़ राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि भावनात्मक मुद्दे के रूप में भी देखा जा रहा है।
अजीत डोभाल पर टिप्पणी और 2027 का चुनावी माहौल
उत्तराखंड में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे माहौल में हर बयान का असर सिर्फ़ मौजूदा विवाद तक सीमित नहीं रहता। भाजपा इसे उत्तराखंड की अस्मिता और सैनिक परिवारों की भावनाओं से जोड़ रही है, इसलिए आने वाले महीनों में यह मुद्दा चुनावी बहस में बार-बार उठ सकता है।
अजीत डोभाल पर टिप्पणी: दोनों पक्षों का रुख
| पक्ष | रुख |
|---|---|
| भाजपा / सीएम धामी | टिप्पणी को उत्तराखंड और देश का अपमान बताया, इसे सैनिकों और सुरक्षा पदों के सम्मान से जोड़ा। |
| राहुल गांधी | रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपने भाषण में जिस ‘सिस्टम’ की बात की, उसमें डोभाल का नाम भी शामिल था। |
राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक बयानबाजी: बड़ा सवाल
यह विवाद एक बार फिर इस बहस को सामने लाता है कि सुरक्षा और संवेदनशील पदों पर बैठे अधिकारियों को लेकर राजनीतिक आलोचना की सीमा क्या होनी चाहिए। सत्ता पक्ष इसे सम्मान का विषय बताता है, जबकि लोकतंत्र में विपक्ष के पास सरकार और उसकी संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाने का अधिकार भी है। पाठक के तौर पर दोनों पक्षों के बयान पूरे संदर्भ में देखना ज़रूरी है।
निष्कर्ष: अजीत डोभाल पर टिप्पणी पर आगे क्या?
अजीत डोभाल पर टिप्पणी का मामला आने वाले दिनों में और गरमा सकता है, खासकर तब जब उत्तराखंड 2027 के विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रहा है। कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आगे के बयानों पर नज़र रहेगी, और हम उन्हें इसी पेज पर जोड़ते रहेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:
Q1. अजीत डोभाल पर टिप्पणी को लेकर सीएम धामी ने क्या कहा?
सीएम धामी ने डोभाल को उत्तराखंड का गौरव बताते हुए उन पर की गई टिप्पणी को निंदनीय कहा।
Q2. अजीत डोभाल पर टिप्पणी कहां और कब की गई?
भाजपा के अनुसार यह टिप्पणी 19 सितंबर 2026 को इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में की गई।
Q3. अजीत डोभाल का उत्तराखंड से क्या संबंध है?
डोभाल मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल से हैं।
Q4. अजीत डोभाल कौन हैं?
वे भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं, पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं और आईबी के निदेशक रह चुके हैं।
नोट:
इस लेख में दिए गए बयान संबंधित नेताओं के हैं। खबर में नए अपडेट आने पर इसे संशोधित किया जाएगा।
स्रोत: यह न्यूज़ ENewsxpress और अन्य सभी सोर्सेज से चुनकर ली गई है।