हल्द्वानी | ENewsxpress Desk
क्या है पूरा मामला?
कुमाऊं के सबसे बड़े कॉलेजों में से एक, हल्द्वानी के MBPG कॉलेज (मोतीराम बाबूराम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय) में एक बार फिर अनुशासनहीनता की घटना हुई है। छात्रसंघ चुनाव को लेकर कॉलेज परिसर के अंदर कोषाध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच मारपीट हो गई, जिसकी वजह से कॉलेज में कुछ समय के लिए काफी तनाव फैल गया।

कैसे भड़का विवाद?
मिली जानकारी के मुताबिक, कोषाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे अलग-अलग प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच पहले से ही अनबन चल रही थी। चुनाव प्रचार के दौरान यह विवाद तब बढ़ गया जब दोनों तरफ के समर्थक आमने-सामने आ गए। बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
सच तो यह है कि MBPG कॉलेज में छात्रसंघ चुनावों के दौरान इस तरह की झड़पें होना कोई नई बात नहीं है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रचार के समय अक्सर अलग-अलग छात्र संगठनों और निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच बहस होती रहती है, जो कई बार लड़ाई-झगड़े में बदल जाती है।
कॉलेज प्रशासन और पुलिस की भूमिका
जैसे ही घटना की खबर मिली, कॉलेज प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और स्थिति को संभालने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख पुलिस को भी बुला लिया गया। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
कॉलेज प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि कॉलेज परिसर में अनुशासनहीनता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी छात्र इस हंगामे में शामिल पाए जाएंगे, कॉलेज प्रशासन उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
छात्रसंघ चुनावों में बढ़ती तनातनी
हल्द्वानी के MBPG कॉलेज में छात्रसंघ चुनावों के दौरान ऐसी घटनाएं पहले भी होती रही हैं। जैसे-जैसे चुनाव करीब आते हैं, छात्र संगठनों की हलचल बढ़ जाती है और प्रचार के दौरान आपसी मुकाबला अक्सर तीखी बहस और झड़प का रूप ले लेता है।
कॉलेज परिसर में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन से पहले भी मांग की गई है कि चुनाव के दौरान पुलिस की तैनाती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि चुनाव शांति से पूरे हो सकें।
निष्कर्ष
MBPG कॉलेज में कोषाध्यक्ष प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच हुई यह झड़प दिखाती है कि छात्रसंघ चुनावों के दौरान अनुशासन की कितनी कमी हो जाती है। फिलहाल कॉलेज प्रशासन और पुलिस की मदद से स्थिति काबू में है, लेकिन आने वाले दिनों में चुनाव को शांति से संपन्न कराना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
नोट: यह लेख मिली हुई जानकारी के आधार पर लिखा गया है। घटना की सही जानकारी के लिए स्थानीय पुलिस और कॉलेज प्रशासन का आधिकारिक बयान ही सही माना जाना चाहिए।